Thursday, 28 April 2016

ग़ज़ल


 दिन का मुंह काला हो गया है
जब से मेरा चाँद खो गया है

ये कहकशां ये तारे ये आसमां
उसके जाते ही सब सो गया है

काग़ज़ पे नंगे पा चलते चलते
क़लम को मेरे घाव हो गया है

मैं था जो पहले हूँ अब भी वही
इस ज़माने को क्या हो गया है

शगल पूछते क्या हो असरार की
दिल से जां तक वीरां हो गया है


Thursday, 7 April 2016

मुहब्बत देख ली मैं ने


कल शाम जब अब्बा से बात की तो मुझे गाँव की याद आने लगी फिर उसी रात आँखों को नींद की मुलाक़ात से पहले कुछ ख्याल में गुम होने लगा तो देखता हूँ कि मेरे बाग़ से हवा की एक टोली मेरी गली होते हुए मेरे आँगन में पहुँचती है जहाँ से छलांग लगा कर मेरी दहलीज पे कूद पड़ती है और वहाँ रखे चिराग़ से खलेने लगती है | चिराग़ उस हवा के झोंकें से कांपता, थरथराता बुझने को होता है तभी उस में एक नया दम पैदा होता है और फिर उसी शान से जलने लगता है मगर उसी दम फिर वैसा ही शर्माने लगता जैसे कोई महबूबा हो जिसे उसका आशिक़ छेड़ रहा हो और वो शर्मा रही हो, दुपट्टे से अपना चेहरा छुपा रही हो मगर जब हद हो जाती हो तो वो तैश में आकर उसके बराबर शेरनी सी खड़ी हो जाती हो और फिर आगे वही छेड़ने और शर्माने का सिलसिला......| मैं ये देख कर मुस्कुराने लगता हूँ तो दरवाज़े से मेरे अब्बा मुझ से पूछते हैं वजह मुस्कुराने की, तो मैं कहता हूँ मुहब्बत देख ली मैं ने कि मुहब्बत में जीना हवा के झोंके के बीच चिराग़ों सा है |

A contemporary love story: The Justified Sin

Product DetailsBook Review:  The Justified Sin
The Justified sin has written by Harpreet Makkar, a passionate writer and a romantic poet. This romantic flavor of the novel has full of feelings, emotions and warmth of affections from a childhood love to the adulthood romance.
The story revolves around Jay who makes three different circle of love around three different girls Saloni, Prachi and Varsha but all the three incomplete and these all circles has the soul which you can feel during the reading. The best part of the book is the use of simple words in better way to explain enough the situation and also he didn’t waste the word to explain the useless background which he explained through the dialogue among the characters.
Word repetition and few editing mistakes are there in the book but it’s not affecting the charm of story in anyways.
Those who love to read contemporary love stories and romantic novel having pace, soul and spirit of young blood from 21st century, do read to take a dive into love with some real touch.
Rating:
Plot: 4/5
Character: 3/5
Style: 2/5
Editing: 3/5
Climax: 3/5

Ghazal / غزل

غزل  عشق  کے  بخت  میں  بھی   آخرت  ہے ہجر  جہنم   تو   وصل    یار    جنّت      ہے    ڈھل  کر جسم   بھی اب   کنگال   ہو   گیا ...